आरोग्यम् परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थ साधनम्। सर्वारोग्य प्रदातारं नमामि दिव्य वैद्यनुत्।।
व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखं। आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥
पुनर्वित्तं पुनर्मित्रं पुनर्भार्या पुनर्मही। एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुनः पुनः।।
भोजनाग्रे सदा पथ्यं लवणाद्रकभक्षणम्। अग्निसन्दीपनम् रूच्यं जिह्वाकण्ठविशोधनं।।
Что такое пункт в трейдинге? Котировка иены обычно имеет два знака после запятой, что означает, что пункт в…
Sriaas Ayurveda ensures the authentic practice of Ayurveda by providing personalized treatment for each individual at every stage of their journey.